लोरी सुनाए गौरा मैया

लोरी सुनाए गौरा मैया झूला झूले गजानंद,
रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया,
झूला झूले गजानंद लोरी सुनाए गोरा मैया,
झूला झूले गजानंद……….

शिव शंकर का डमरू बाजे,
नारद नाचे नंदी नाचे,
ठंडी ठंडी चले पुरवैया,
झूला झूले गजानंद…..

कोई पीताम्बर पहनाए,
आँखों में कोई कजरा लगाए,
लागे ना देवा तुमको नजरिया,
झूला झूले गजानंद…….

मंगल गीत यहाँ देवियां गाए,
सुर नर मुनि सब पर्व मनाए,
खुश है निरंजन सारी दुनिया,
झूला झूले गजानंद…..

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी

संग्रह