ना किसी से दोस्ती ना किसी से बैर,
हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर….

चौबीसो घंटे मुख पे मुस्कान हमारे रहती,
कुछ भी न हो भले पहचान हमारी बनती,
पहचान हमारी बनती,,
सबके लिए दुआओं में मांगे सबकी खैर,
हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर……

एक दूजे का नाता रिश्ता रखता है बना के,
सुख दुःख का सहारा सुनता है गले लगा के,
सुनता है गले लगा के,,
ह्रदय में बस भाव रखो आएगा देर सावेर,
हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर…..

श्याम को जाके सुनना पलकें अपनी बिछाना,
ज़रा भी ना शर्माना नज़रो से नज़रें मिलाना,
नज़रो से नज़रें मिलाना,,
आजा सज्जन बेधड़क हो गया तुझपे महर,
आजा रौनक बेधड़क हो गया तुझपे महर,
हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर…..

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