जनम अकारथ खोइसि

जनम अकारथ खोइसि
रे मन, जनम अकारथ खोइसि।
हरि की भक्ति न कबहूँ कीन्हीं, उदर भरे परि सोइसि॥
निसि-दिन फिरत रहत मुँह बाए, अहमिति जनम बिगोइसि।
गोड़ पसारि परयो दोउ नीकैं, अब कैसी कहा होइसि॥
काल जमनि सौं आनि बनी है, देखि-देखि मुख रोइसि।
सूर स्याम बिनु कौन छुड़ाये, चले जाव भई पोइसि॥

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

गुरु पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

आषाढ़ पूर्णिमा
कामिका एकादशी

रविवार, 09 अगस्त 2026

कामिका एकादशी
पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन

संग्रह