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कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी

भक्तिरस – BhaktiRas

हरि हरि हरि सुमिरन करौ।

Hari Hari Hari Sumirana Karau – Lyrics in Hindi

कृष्ण जी अपडेट:
हरि हरि हरि सुमिरन करौ।

हरि हरि हरि सुमिरन करौ। – लिरिक्स

पाठ

हरि हरि हरि सुमिरन करौ।
हरि चरनारबिंद उर धरौं॥

हरि की कथा होइ जब जहां।
गंगाहू चलि आवै तहां॥

जमुना सिन्धु सरस्वति आवै।
गोदावरी विलंब न लाबै॥

सर्व तीर्थ को बासा तहां।
सूर, हरि-कथा होवे जहां॥

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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