मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,असी ते हो गए मालो माल,हारावाले मिल गए किस्मत नाल,असी ते हो गए मालो माल…….. सोहणा सोहणा मुखड़ा ते सोहणी है चाल जी,बाल घुंघराले ते सिर ते मुकुट कमाल जी,रूप...
श्री कृष्ण जी के मधुर भजन, गीत और लीलाएँ! राधा-कृष्ण प्रेम की दिव्य अनुभूति। सभी भक्ति गीत BhaktiRas.in पर।
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,असी ते हो गए मालो माल,हारावाले मिल गए किस्मत नाल,असी ते हो गए मालो माल…….. सोहणा सोहणा मुखड़ा ते सोहणी है चाल जी,बाल घुंघराले ते सिर ते मुकुट कमाल जी,रूप...
जिहना पीते ने प्याले हरि नाम दे,उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,किती जिंदगी तेरे हवाले,उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे…….. ए रंग चढ़ेया धन्ने भगत नू,उन्हे पथरा चो श्याम नू पाया,उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,किती जिंदगी तेरे...
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी,रोज अमृत वेले मैं दर्शन पावागी,मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी…….. उठ जाओ हुन भगतो श्री आरती ते जाना ए,श्याम प्यारे दा सोहणा दर्शन पाना ए,मैं...
तेरे रज रज दर्शन पावा इक वारि खोल अखियाँ,खोल अखियाँ खोल अखियाँ,तेरे रज रज दर्शन पावा….. कोई ता कहंदा प्यारा दिल विच वसदा,असली ठिकाना तेरा कोई भी न दसदा,कोई भी न दसदा श्याम,की करा के...
विनती सुनिए नाथ हमारी,ह्रदय स्वर हरी ह्रदय बिहारी,मोर मुकुट पीताम्बरधारी,विनती सुनिए………. जनम जनम की लगी लगन है,साक्षी तारों भरा गगन है,गिन गिन स्वास आस कहती है,आएंगे श्री कृष्ण मुरारी,विनती सुनिए………. सतत प्रतीक्षा अप लक लोचन,हे...
बरसाने में झूला पड़ गयो, झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो…… आयो सावन सखी मनभावनो, छाई हरियाली चाहूं ओर,सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,झूला झूले री नवल...
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने….. सर के ऊपर धरो री पालना,वासुदेव ने राम मनाया,देवकी से करी दो बात, चाल पड़ा गोकुल में,भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने….. कड़क...
बुला रही राधा गुजरिया तू झूलन आजा सांवरिया….. श्याम बिन सावन ना भावे,तू आजा क्यों अब तड़पावे,बुला रही राधा लिख चिठियां, तू झूलन आजा सांवरिया…….. सुहानी सावन रुत आई,कैसी चल चल रही पुरवाई,गगन में छा...
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारीहे नाथ नारायण वासुदेवाश्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारीहे नाथ नारायण वासुदेवापितु मात स्वामी सखा हमारेपितु मात स्वामी सखा हमारेहे नाथ नारायण वासुदेवाश्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी (आ आ आ)हे नाथ नारायण...
तर्ज – थारे वास्ते रे ढोला थारे वास्ते सांची सांची कह दे रे बाबा,सांची सांची कह दे रे कान्हा,कोण लागु मै तेरी कोण लागू,तू मेरो कोण लागे,तू मेरो कोण लागे……. गिर जाऊं पकड़ उठावे,भटकूँ तो...
सांवला सलोना मेरा कृष्ण कन्हाई,कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी,कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी….. आँख मिचौली काहे खेले तू कान्हा,पलके बिछाए बैठी तेरी राधा,कास में तेरी बन जाती बंसुरिया,अधरों से तेरे लग जाती में...
प्रीति न काहु की कानि बिचारै ।मारग अपमारग विथकित मन को अनुसरत निवारै ।। [1] ज्यौं सरिता साँवन जल उमगत सनमुख सिंधु सिधारै ।ज्यौं नादहि मन दियें कुरंगनि प्रगट पारधी मारै ।। [2] (जै श्री)...