शरण में हम तुम्हारे आ पड़े है

शरण में हम तुम्हारे आ पड़े है,
ओ भोले तेरे द्वारे आ पड़े है,
शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,
ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है…….

भगत के दिल को यूँ ना तोड़ देना
निराशा कर प्रभु ना छोड़ देना,
बहुत ही गम के मारे आ पड़े है,
शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,
ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है……

हमें भी अपनी सेवा में लगा लो,
चरण का अपने सेवक तुम बना लो,
जगत से बेसहारे आ पड़े है,
शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,
ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है……

फसी है नाव ‘शर्मा’ की निकालो,
सहारा देके ‘लक्खा’ को बचा लो,
लो झोली को पसारे आ पड़े है,
शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,
ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है……

शरण में हम तुम्हारे आ पड़े है,
ओ भोले तेरे द्वारे आ पड़े है,
शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,
ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है……

Author: लखबीर सिंह लक्खा

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

जया एकादशी

सोमवार, 26 जनवरी 2026

जया एकादशी
माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा

संग्रह