जाने कहां गए भगवान लक्ष्मी फूट-फूट के रोई,
लक्ष्मी फूट-फूट के रोई, लक्ष्मी फूट-फूट के रोई,
जाने कहां गए भगवान लक्ष्मी फूट-फूट के रोई…..

मैं पूछ पूछ के हारी मुझे मिले नहीं बनवारी,
नारद करियो जरा विचार लक्ष्मी फूट-फूट के रोई,
जाने कहां गए भगवान…..

अपराध कहा मैंने किनो वो है स्वामी ने तज दिनों,
करती रही हमेशा प्यार लक्ष्मी फूट-फूट के रोई,
जाने कहां गए भगवान….

है वचन किसी का सच्चा जिसके होता नहीं बच्चा,
उसका पति करें तिरस्कार लक्ष्मी फूट-फूट के रोई,
जाने कहां गए भगवान….

जो पुत्र हमारे होते प्रभु पड़े पड़े नहीं सोते,
रहती चिंता दिन और रात लक्ष्मी फूट फूट कर रोई,
जाने कहां गए भगवान….

जो होते पोता पोती मैं पड़ी पलंग पर सोती,
करती उल्टी-सीधी बात लक्ष्मी फूट फूट कर रोई,
जाने कहां गए भगवान….

नारद ने वचन सुनाएं प्रभु करते चौकीदारी,
जाकर देखो बलि के द्वार लक्ष्मी फूट-फूट के रोई,
जाने कहां गए भगवान….

जब भनक पड़ी लक्ष्मी के दौड़ी आई बलि के,
भैया राखी का त्यौहार लक्ष्मी फूट-फूट के रोई,
जाने कहां गए भगवान….

तुम राखी बांध लो भैया हमें दे दो हमारे सैंया,
सोना हो गया बैकुंठ धाम लक्ष्मी फूट-फूट के रोई,
जाने कहां गए भगवान….

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