गौरा माँ के लाल तुम्हे घर में बुलाते है

गौरा माँ के लाल तुम्हे घर में बुलाते है,
ज्योत जलाते है, देवा मनाते है।।

मन के इस मंदिर में आकर देवा भाग जगा दो,
घर में सुख की वर्षा करके, घर को स्वर्ग बना दो,
ज्योत जलाते है, देवा मनाते है…….

गणपति जी को मूषक प्यारा,
करके सवारी आओ,
भक्तो के जीवन से देवा,
गम को दूर हटाओ,
ज्योत जलाते है, देवा मनाते है…….

एक दन्त और लम्बोदर जी गणपति जी कहलाये,
रिद्धि सिद्धि के स्वामी गजानन कहलाये,
चार भुजाधारी ये देखो सबके विघ्न मिटाये,
सब देवो में सबसे पहले देखो पूजे जाए,
ज्योत जलाते है, देवा मनाते है…….

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी

संग्रह