पार्वती लाल करे सबको निहाल जी,
विघ्न हरण सुख दायी गणपति तेरी जय हो,
भक्त जनन के सहाई गणपति तेरी जय हो॥

देवन देव सूत शंभू अविनासी का,
जो जापे नाम तेरा कटे चौरासी का,
विघ्न मिटाये रिद्धि सिद्धि घर आये,
विघ्न हरण सुख दायी गणपति तेरी जय हो,
भक्त जनन के सहाई गणपति तेरी जय हो॥

गणपति बाबा तेरी होती पूजा होती घर घर,
जन जन पाए तुमसे ही खुशियों का वर,
धुप दीप गंगा जल पान पुष्प मोदक थाल सजाई,
भक्त जनन के सहाई गणपति तेरी जय हो,
विघ्न हरण सुख दायी गणपति तेरी जय हो,
भक्त जनन के सहाई गणपति तेरी जय हो॥

आरती गाये सुबह शाम गजानन की,
सेवक सरल मांगे धुल चरनन की, धुल चरण की..
मन हो वास पूरी देवा आस,
महिमा तेरी लगन से गयी गणपति तेरी जय हो,
विघ्न हरण सुख दायी गणपति तेरी जय हो,
भक्त जनन के सहाई गणपति तेरी जय हो……..

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