पहले आद गणेश मनाया करो,
फिर भोले जी दा दर्शन पाया करो॥

गौरा मां दा जो लाल प्यारा है,
भोले नाथ दी अखियां दा तारा है,
पहले चरना च ध्यान लगाया करो,
फिर भोले जी दा दर्शन पाया करो।

आओ मूषे दी ओह सवारी जी ,
निगा मेहर दी जिस वले मारी जी,
पहले चरना च मनचित लाया करो,
फिर भोले जी दा दर्शन पाया करो।

भोले अदभुत तेरी माया है,
कहीं धूप ते कहीं पर छाया है,
पहले लडुआ दा भोग लगाया करो,
फिर भोले जी दा दर्शन पाया करो।

भोले अंग भभूति रमाई हुई है,
गल सपा वाली माला पाई हुई है,
पहले लडुआ दा भोग लगाया करो,
फिर भोले जी दा दर्शन पाया करो।

भोले जटाओं से बह रही गंगा धारा,
जिसमें नौंदा है जग सारा,
पहले चरना च अर्जी लगाया करो,
फिर भोले जी दा दर्शन पाया करो।

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

निर्जला एकादशी

मंगलवार, 18 जून 2024

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

शनिवार, 22 जून 2024

ज्येष्ठ पूर्णिमा
संत कबीर दास जयंती

शनिवार, 22 जून 2024

संत कबीर दास जयंती
संकष्टी चतुर्थी

मंगलवार, 25 जून 2024

संकष्टी चतुर्थी
योगिनी एकादशी

मंगलवार, 02 जुलाई 2024

योगिनी एकादशी
मासिक शिवरात्रि

गुरूवार, 04 जुलाई 2024

मासिक शिवरात्रि

संग्रह