बय्या पकड़ गुरुदेव री….

बय्या पकड़ गुरुदेव री हो जावेगो भवपार रे,
भवसागर गहरो घणो गुरु बिन नहीं उतरे पार….

रोम-रोम में सुमिरण करतो, गाइजे हरि रो नाम रे,
वेद- सुरतियाँ गावे रे, प्रभु आसी थारे काम,
बय्या पकड़ गुरुदेव री……

गुरुदेव रो हर एक वाक्य मान तू ब्रहम रो आप रे,
आप्तवचन तू जान ले गुरु मुखसू जो निकले आज,
बय्या पकड़ गुरुदेव री……

विधि निषेध को धारण करके, करने हरजे एक काम रे,
फिर धोखो नाहीं खावे रे यो जीवन को है सार,
बय्या पकड़ गुरुदेव री……

गन्तव्य – मर्त्तव्य और मन्तव्य रो रखजे ध्यान रे,
साध्य साधना साधन है सर्वस्व समर्पण नाथ,
बय्या पकड़ गुरुदेव री……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली
पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी

संग्रह