दरसेगा नूर दिवाने मिलेगा जरूर

दरसेगा नूर दिवाने मिलेगा जरूर

टेर- दरसेगा नूर दिवाने मिलेगा जरूर,

साहेव का भजन करले दरसेगा नूर

गुरु से अर्ज कर पाओगे मरज जब, बीती जाए जिंदगानी
चेतने की बारी बोलो हरि हरि बोलो हरि हरि
अरे देही का गुमान वन्दे तज देना दूर

प्राण को कमान कर खेच राखो सुन्न तांही, सुरता-निरता वुद्धि
तीनो रोके राखो मांही हरी हरी बोलो हरी हरी
अरे सूली के चढे से होवे चकनाचूर

छोड़े मत साधु संग बार-बार लागे रंग, जग से उचंग लांगे
कालवा से जीते जंग हरी-हरी वोलो हरी-हरी
अरे गुरू की कृपा से होवे खारी का कपूर

लखि सखी पिया खोज लेखा पाओ रोज-रोज, मावस पूनो
पड़वादोज तुरिया संग करले मौज हरी-हरी वोलो हरी-हरी
कहिये कबीर वरसे मौती अबीज हंसा चुगना जरूर

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामिका एकादशी

रविवार, 09 अगस्त 2026

कामिका एकादशी
पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन
श्रावण पूर्णिमा

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी

संग्रह