गुरु चरण कमल पर वारी मैं

गुरु चरण कमल पर वारी मैं

बलिहारी मैं बलिहारी मैं
गुरु चरण कमल पर वारी मैं,

देवश भाव सब दूर कराया पूरण भ्रम इक दिखलाया,
घट घट में ज्योति निहारी रे,
गुरु चरण कमल पर वारी मैं,

भव सागर में नीर अपारा,
दुभ रही है नही मिले किनारा
मोहे पल में लियो उभारी रे
गुरु चरण कमल पर वारी मैं,

काम क्रोध मद लोब लुटे रे
जन्म जन्म से तेरी मेरी
गुरु सब को दीना मारे रे,
गुरु चरण कमल पर वारी मैं,

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी
चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि
गुड़ी पड़वा

गुरूवार, 19 मार्च 2026

गुड़ी पड़वा
उगादी

गुरूवार, 19 मार्च 2026

उगादी
चेटी चंड

शुक्रवार, 20 मार्च 2026

चेटी चंड
राम नवमी

गुरूवार, 26 मार्च 2026

राम नवमी

संग्रह