तू खाटू होकर आना

( श्याम चाकरी मिल गई अब मंज़िल खाटू धाम
मेरे हर दर्दो का मरहम बाबा तेरा नाम। )

तुम जो मेरे इस चेहरे पर देख रहे मुस्कान,
कल रात को सपने में आये थे बाबा श्याम,
कहा था मत घबराना तू खाटू होकर आना…..

भक्तों के ह्रदय की पीड़ा जो समझे भगवान,
उनके लिए सब एक बराबर निर्धन क्या धनवान,
तन मन सब सेवा में लेलो होगा तेरा एहसान,
कल रात को सपने में आये थे बाबा श्याम,
कहा था मत घबराना तू खाटू होकर आना……

हार गया था इस जीवन से रहता था परेशान,
हर दम रहती थी उलझन सब बिगड़ रहे थे काम,
कहा मुझे किसी श्याम भगत ने ले बाबा का नाम,
कल रात को सपने में आये थे बाबा श्याम,
कहा था मत घबराना तू खाटू होकर आना…….

छोड़ दिया सब तुझपे बाबा सुना है जग में नाम,
स्वर्ग से भी सुन्दर लगता है तेरा खाटू धाम,
शुभम के मन की भी अर्ज़ी सुन ले मेरे बाबा श्याम,
कल रात को सपने में आये थे बाबा श्याम,
कहा था मत घबराना तू खाटू होकर आना…….

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामिका एकादशी

रविवार, 09 अगस्त 2026

कामिका एकादशी
पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन
श्रावण पूर्णिमा

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी

संग्रह