एक जोगण मीराबाई थी

मन्नै लादे केसरी बाणा माँ,
मन्नै जोगी के संग जाना माँ,
पहर खड़ाऊ नाचूंगी,
ऐसी रोगण मैं हो गई,
एक जोगण मीराबाई थी,
एक जोगण मैं हो गई……

चाहे सूली सेज चढ़ा दो मां,
चाहे विष का प्याला प्यादो मां,
मेरे जोगी की फटकार लगी,
उस जोगी त मिलवादो मां,
हंसना मन्नै सिखादो मां
हंसना मन्नै सिखादो मां,
दुख भोगण मैं हो गई,
एक जोगन मीराबाई थी,
एक जोगण मैं हो गई……

मन्नै मंदिर मस्जिद छान लिए,
घणी घूमी गुरुद्वारा म,
मन्नै इसी बावली कर राखी,
मन्नै मां दिख स सारा म,
मंगती बण क मांगू सू,
ऐसी जोगण में हो गई,
एक जोगन मीराबाई थी,
एक जोगण मैं हो गई……

मेरी सखी सहेली पूछ तो,
फक्कड़ मरजाना बता दियो,
औरंगनगर के श्मशाना म,
मेरा ठिकाना बता दियो,
जोग स जोग न मिला दियो,
संजोगण में हो गई,
एक जोगन मीराबाई थी,
एक जोगण मैं हो गई…..

Author: Unknown Claim credit

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