नारी दूरत बयाना रतनारे

नारी दूरत बयाना रतनारे ॥ध्रु०॥
जानु बंधु बसुमन बिसाल पर सुंदर शाम सीली मुख तारे ।
रहीजु अलक कुटील कुंडलपर मोतन चितवन चिते बिसारे ।
सिथील मोंह धनु गये मदन गुण रहे कोकनद बान बिखारे ।
मुदेही आवत है ये लोचन पलक आतुर उधर तन उधारे ।
सूरदास प्रभु सोई धो कहो आतुर ऐसोको बनिता जासो रति रहनारे ॥

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह