तेरे दर्शन को गणराजा
( नसीब वाला वोह है गणराजा, तेरा दीदार होता है,जिस पे होता है तेरा, नज़र-ए-कर्म,उसका बेड़ा, पार होता है ll ) तेरे दर्शन को गणराजा, तेरे दरबार आए हैं ll*तेरे दरबार आए हैं, तेरे दरबार...
हिंदी भजन लिरिक्स के साथ भक्ति में डूबें! सभी देवी-देवताओं के मधुर भजन, आरती और स्तुतियाँ BhaktiRas.in पर। आत्मिक शांति पाएं।
( नसीब वाला वोह है गणराजा, तेरा दीदार होता है,जिस पे होता है तेरा, नज़र-ए-कर्म,उसका बेड़ा, पार होता है ll ) तेरे दर्शन को गणराजा, तेरे दरबार आए हैं ll*तेरे दरबार आए हैं, तेरे दरबार...
नेक चलो नंदरानी उहां लगी नेक चलो नंदारानी ॥ध्रु०॥देखो आपने सुतकी करनी दूध मिलावत पानी ॥उ०॥१॥हमरे शिरकी नयी चुनरिया ले गोरसमें सानी ॥उ०॥२॥हमरे उनके करन बाद है हम देखावत जबानी ॥उ०॥३॥तुमरे कुलकी ऐशी बतीया सो...
देखो ब्रम्हा और विष्णु महेश निकले ,सारे संकट को हरने गणेश निकले , देखो ब्रम्हा की महिमा निराली है,उनके संग मे सरस्वती विराजी हैं ,उनके मुख से चारो वेद निकले,सारे संकट देखो विष्णु जी की...
ऐसे भक्ति मोहे भावे उद्धवजी ऐसी भक्ति ।सरवस त्याग मगन होय नाचे जनम करम गुन गावे ॥ उ०॥ध्रु०॥कथनी कथे निरंतर मेरी चरन कमल चित लावे ॥मुख मुरली नयन जलधारा करसे ताल बजावे ॥उ०॥१॥जहां जहां चरन...
छोटो सो चूहा लगे प्यारो हे गणपति भप्पा तुम्हरो,भप्पा तुम्हरो ये चूहा तुम्हारो,छोटो सो चूहा लगे प्यारो, है छोटो चूहा शान प्यारी,एही पे भप्पा करत हो सवारी,जानत है ये जग सारा गणपति भप्पा तुम्हरा ,छोटो...
दरसन बिना तरसत मोरी अखियां ॥ध्रु०॥तुमी पिया मोही छांड सीधारे फरकन लागी छतिया ॥द०॥१॥बस्ति छाड उज्जड किनी व्याकुल भई सब सखियां ॥द०॥२॥सूरदास कहे प्रभु तुमारे मिलनकूं ज्युजलंती मुख बतिया ॥द०॥३॥
सावरे मोकु रंगमें बोरी बोरी सांवरे मोकुं रंगमें बोरी बोरी ॥ध्रु०॥बहीयां पकर कर शीरकी गागरिया । छिन गागर ढोरी ।रंगमें रस बस मोकूं किनी । डारी गुलालनकी झोरी । गावत लागे मुखसे होरी ॥सा०॥१॥आयो अचानक...
कर गई महगाई कंगाल गजनन्द लियो ताना खबरियां, रखो सुखो खाये गरीबा मिले न सभजी भाजी,महंगाई छूए आसमान को खेल रही बाज,के भूखे सो रहे बाल गोपाल गजनन्द लियो ताना खबरियां, तेल नमक और आता...
जमुनाके तीर बन्सरी बजावे कानो ॥ज०॥ध्रु०॥बन्सीके नाद थंभ्यो जमुनाको नीर खग मृग।धेनु मोहि कोकिला अनें किर ॥बं०॥१॥सुरनर मुनि मोह्या रागसो गंभीर ।धुन सुन मोहि गोपि भूली आंग चीर ॥बं०॥२॥मारुत तो अचल भयो धरी रह्यो धीर...
नेननमें लागि रहै गोपाळ नेननमें ॥ध्रु०॥मैं जमुना जल भरन जात रही भर लाई जंजाल ॥ने०॥१॥रुनक झुनक पग नेपुर बाजे चाल चलत गजराज ॥ने०॥२॥जमुनाके नीर तीर धेनु चरावे संग लखो लिये ग्वाल ॥ने०॥३॥बिन देखे मोही कल...
मधुरीसी बेन बजायके । मेरो मन मोह्यो सांवरा ॥ध्रु०॥मेरे आंगनमें बांसको बेडलो सिंचो मन चित्त लायके ।अब तो बेरण भई बासरी मोहन मुखपर आयके ॥सां०॥१॥मैं जल जमुना भरन जातरी मारग रोक्यो आयके ।बनसीमें कछु आचरण...
हमसे छल कीनो काना नेनवा लगायके ॥ध्रु०॥जमुनाजलमें जीपें गेंद डारी कालि नागनाथ लाये ।इंद्रको गुमान हर्यो गोवरधन धारके ॥ह०॥१॥मोर मुगुट बांधे काली कामरी खांदे ।जमुनाजीमें ठाडो काना बासरी बजायके ॥ह०॥२॥देवकीको जायो काना आधिरेन गोकुल आयो...