कर गई महगाई कंगाल गजनन्द

कर गई महगाई कंगाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

रखो सुखो खाये गरीबा मिले न सभजी भाजी,
महंगाई छूए आसमान को खेल रही बाज,
के भूखे सो रहे बाल गोपाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

तेल नमक और आता चावल सब कुछ लागा महंगा,
बचे मांगे तन को कपड़े फट गए धोती लेहंगा,
हो रहे हम तो खूब हलाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

है कितना कानून ये अँधा लगे न अंकुश भाई,
भरने वाले भरे तिजोरी कर देखु कमाई,
हो रहे लोग यहाँ बेहाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

मिले न ढूंढो काम धाम और ताम जाम है भारी,
बिजली बिल भी खूब आते है खाये जात अधिकारी,
जीना हो गया हर्ष बेहाल गजनन्द लियो ताना खबरियां,

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी

संग्रह