भगवन आस लगाए कब से

भगवन आस लगाए कब से

भगवन आस लगाए कब से,
देखो बाट निहारे है ।
फसी है बीच भवर नईया,
भगवन तुमको पुकारे है ।।

दर दर ठोकर मैंने खाई,
दर दर जाकर ज्योत जलाई ।
अब तो सुन लो मेरी पुकार,
भगवन बाट निहारे है ।।

भगवन आस लगाए कब से ।
देखो बाट निहारे है ।।

मैं पापी मुझे देदो सहारा,
दूर बसनो से देदो किनारा ।
भगवन आस लगाए कब से,
देखो बाट निहारे है ।।

अब तो सुन लो मेरी पुकार,
भगवन बाट निहारे है ।
भगवन आस लगाए कब से,
देखो बाट निहारे है ।।

Author: ओमप्रकाश जी

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह