ज़रा आ शरण मेरे राम की, मेरा राम करुणा निधान है,
घट घट में है वही रम रहा, वही जगत का भगवान है….

भक्ति में उसकी तू हो मगन, उसे पाने की तू लगा लगन,
तेरे पाप सब धूल जाएंगे, प्रभु नाम ऐसा महान है,
ज़रा आ शरण मेरे राम की…….

लिया आसरा जिन नाम का, वही बन गया प्रभु राम का,
जिस नाम से पत्थर तरे, उससे तेरा तरना आसान है,
ज़रा आ शरण मेरे राम की……

तेरी दासी कबसे पुकारती, तेरे द्वार अरज गुजारती,
मत भूल जाना हे प्रभु तेरी दासी बड़ी अनजान है,
ज़रा आ शरण मेरे राम की…..

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

मोहिनी एकादशी

रविवार, 19 मई 2024

मोहिनी एकादशी
प्रदोष व्रत

रविवार, 19 मई 2024

प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत

सोमवार, 20 मई 2024

प्रदोष व्रत
नृसिंह जयंती

मंगलवार, 21 मई 2024

नृसिंह जयंती
वैशाखी पूर्णिमा

गुरूवार, 23 मई 2024

वैशाखी पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा

गुरूवार, 23 मई 2024

बुद्ध पूर्णिमा

संग्रह