ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो

ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो

ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो
राह में आए जो दीन दुखी, सबको गले से लगाते चलो

जिसका न कोई संगी साथी ईश्वर है रखवाला
जो निर्धन है जो निर्बल है वह है प्रभू का प्यारा
प्यार के मोती लुटाते चलो, प्रेम की गंगा…1

आशा टूटी ममता रूठी छूट गया है किनारा
बंद करो मत द्वार दया का दे दो कुछ तो सहारा
दीप दया का जलाते चलो, प्रेम की गंगा…2

छाई है छाओं और अंधेरा भटक गई हैं दिशाएं
मानव बन बैठा है दानव किसको व्यथा सुनाएं
धरती को स्वर्ग बनाते चलो, प्रेम की गंगा…3

ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो
राह में आए जो दीन दुखी सब को गले से लगाते चलो
प्रेम की गंगा बहाते चलो …4

कौन है ऊँचा कौन है नीचा सब में वो ही समाया
भेद भाव के झूठे भरम में ये मानव भरमाया
धर्म ध्वजा फहराते चलो, प्रेम की गंगा …5

सारे जग के कण कण में है दिव्य अमर इक आत्मा
एक ब्रह्म है एक सत्य है एक ही है परमात्मा
प्राणों से प्राण मिलाते चलो, प्रेम की गंगा …6

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

हरतालिका तीज

सोमवार, 14 सितम्बर 2026

हरतालिका तीज
गणेश चतुर्थी

सोमवार, 14 सितम्बर 2026

गणेश चतुर्थी
परिवर्तिनी एकादशी

मंगलवार, 22 सितम्बर 2026

परिवर्तिनी एकादशी
अनंत चतुर्दशी

शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026

अनंत चतुर्दशी
भाद्रपद पूर्णिमा

शनिवार, 26 सितम्बर 2026

भाद्रपद पूर्णिमा
इंदिरा एकादशी

मंगलवार, 06 अक्टूबर 2026

इंदिरा एकादशी

संग्रह