शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा

शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा

शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा,
मस्तक हो और द्वार तेरा,
मिट जाए जन्मों की तृष्णा,
मिले भोले शंकर प्यार तेरा…

तुझ में खोकर जीना है मुझे,
मैं बूंद हूँ तू एक सागर है – 2,
तुझ बिन जीवन का अर्थ है क्या,
मैं तारा हूँ तू अम्बर है,
तूने मुझ को स्वीकार किया,
क्या कम है यह उपकार तेरा,
शिव पूजा में मन लीन रहे…

यूं मुझको तेरा प्यार मिला,
बेजान को जैसे जान मिली – 2,
जिस दिन से तुझको जाना है,
मुझको अपनी पहचान मिली,
दे दी तूने चरणों में जगह,
आभारी हूं सौ बार तेरा,
शिव पूजा में मन लीन रहे…

शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा,
मस्तक हो और द्वार तेरा,
मिट जाए जन्मों की तृष्णा,
मिले भोले शंकर प्यार तेरा…

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह