अभिलाषाएं मन की उनकी होती हैं पूर्ण,
ईश्वर भक्ति में जीवन जो लगा देते हैं सम्पूर्ण,
आधि व्याधि आमर्ष सब कष्टों संतापो का साथ,
नहीं रहता उनके जिनके सर पे रहता हरि का हाथ,
सुख सदैव भाग्य में उनके बदे रहें भतेरे,
रहते हैं जिनके श्री चरणों में बसेरे,
बनते हैं जगत में सदा उनके बिगड़े काम,
श्रद्धा से जो जपते रहते श्री नारायण का नाम,
धर्म की राह चलते जो देते सेवा में जीवन गुजार,
उनके सारे स्वपन करते सदैव भगवन साकार,
कहे राजीव मेरा सदा रहे प्रभु चरणों में निवास,
कृपा से जगत ईश की पूर्ण हों सब आस,
जय जय श्री मन नारायण जय जय हे जगदीश,
सदैव पाते रहें जगत में सभी प्राणी तुम्हारा आशीष।

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामिका एकादशी

रविवार, 09 अगस्त 2026

कामिका एकादशी
पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन
श्रावण पूर्णिमा

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी

संग्रह