प्रभु जी सबके सिरजन हार
तेरे बिना अब कोई नही है,जग का पालन हार

जग की प्रीती अज़ब निराली,जाने जानन हार
बिन मतलब ना मुख से बोले,मतलब की मनवार

सुख मे सब कोई संगी साथी,कुटुम्ब सखा परिवार
भीङ पङे जब मुखङा मोङे,स्वार्थ का संसार

ना जानू कोई भक्ती पूजा,मै हूँ मुरख गंवार
जैसो तेसो हूँ मै स्वामी,मुझ पर दया विचार

तुम ही सागर तुम ही किनारा,तुम ही हो पतवार
तुम ही नैया तुम ही खवैया,तुम हो खेवण हार

सुख ओर दुःख मे तुम ही सहारा,तुम ही प्राणाधार
सदानन्द की यही भावना,सुखी रहे संसार

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

महेश नवमी

शनिवार, 15 जून 2024

महेश नवमी
गंगा दशहरा

रविवार, 16 जून 2024

गंगा दशहरा
गायत्री जयंती

सोमवार, 17 जून 2024

गायत्री जयंती
निर्जला एकादशी

मंगलवार, 18 जून 2024

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

शनिवार, 22 जून 2024

ज्येष्ठ पूर्णिमा
संत कबीर दास जयंती

शनिवार, 22 जून 2024

संत कबीर दास जयंती

संग्रह