थे तो जाम्भा जी म्हारे,घणा मन भावणा,
भक्त बुलावे थाने,आया सरसी ,
थे तो गुरू जी म्हारे,हिवङे रा चानणा
दर्शन री प्यास बुझाया सरसी

था बिन फीको है इण, जग माही जीवणो
दर्शन आस पुराया सरसी थे तो

था बिन सूनी लागे,समराथल री झाङियाँ
ग्वाला ने दरश दिखाया सरसी थे तो

था बिना सूनो-सूनो,लागे म्हाने आँगणियो
आकर जोत जगाया सरसी थे तो

पींपासर री झाङीयां मे,गाउवां चराई
पाणी सू दिवलो जगाया सरसी थे तो

सदानन्द री गुरू जी सुणियो बीणती
भव हूं पार लगाया सरसी थे तो

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

धनतेरस

शुक्रवार, 06 नवम्बर 2026

धनतेरस
दीपावली

रविवार, 08 नवम्बर 2026

दीपावली
गोवर्धन पूजा

मंगलवार, 10 नवम्बर 2026

गोवर्धन पूजा
भाई दूज

बुधवार, 11 नवम्बर 2026

भाई दूज

संग्रह