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कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी

भक्तिरस – BhaktiRas

अष्टविनायक

नाम, स्थान, महत्व और यात्रा की जानकारी · Ashtavinayak

महाराष्ट्र में भगवान गणेश के आठ प्राचीन मंदिरों को अष्टविनायक कहा जाता है, जिनमें से अधिकतर में गणपति की मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है। ये पुणे, अहमदनगर और रायगढ़ ज़िलों में हैं। परंपरा के अनुसार यात्रा मोरगाँव के मयूरेश्वर से शुरू होकर सिद्धटेक, पाली, महड, थेऊर, लेण्याद्री, ओझर और रांजणगाँव होते हुए फिर मोरगाँव पर पूरी होती है।

अष्टविनायक की सूची

  1. 1 मयूरेश्वर (मोरेश्वर) गणपति मंदिर, मोरगाँव पुणे, महाराष्ट्र
  2. 2 सिद्धिविनायक मंदिर, सिद्धटेक Ahmednagar, महाराष्ट्र
  3. 3 बल्लालेश्वर गणपति मंदिर, पाली रायगढ़, महाराष्ट्र
  4. 4 वरदविनायक मंदिर, महड (खालापुर) रायगढ़, महाराष्ट्र
  5. 5 चिंतामणि गणपति मंदिर (अष्टविनायक), थेऊर पुणे, महाराष्ट्र
  6. 6 गिरिजात्मज गणपति मंदिर (अष्टविनायक), लेण्याद्री पुणे, महाराष्ट्र
  7. 7 विघ्नेश्वर (विघ्नहर) गणपति मंदिर (अष्टविनायक), ओझर पुणे, महाराष्ट्र
  8. 8 महागणपति मंदिर (अष्टविनायक), रांजणगाँव पुणे, महाराष्ट्र