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कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी

भक्तिरस – BhaktiRas

अष्टादश महाशक्तिपीठ

नाम, स्थान, महत्व और यात्रा की जानकारी · Ashtadasha Shakti Peeth

आदि शंकराचार्य से जोड़े जाने वाले अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्र ("लंकायां शंकरी देवी…") में देवी के अठारह प्रमुख पीठों का वर्णन है। इन्हें महाशक्तिपीठ कहा जाता है और इनमें से कई 51 शक्तिपीठों की सूची में भी आते हैं। ये श्रीलंका से कश्मीर तक फैले हैं, पर अधिकतर दक्षिण भारत में हैं।

अष्टादश महाशक्तिपीठ की सूची

  1. 1 शंकरी देवी मंदिर (कोणेश्वरम), त्रिंकोमाली श्रीलंका त्रिंकोमाली, श्रीलंका
  2. 2 कामाक्षी अम्मन मंदिर, कांचीपुरम कांचीपुरम, तमिलनाडु
  3. 3 शृंखला देवी शक्तिपीठ (प्रद्युम्न), पांडुआ हुगली, पश्चिम बंगाल
  4. 4 चामुंडेश्वरी मंदिर, चामुंडी पहाड़ी, मैसूरु Mysore, कर्नाटक
  5. 5 जोगुलांबा मंदिर, आलमपुर जोगुलांबा गद्वाल, तेलंगाना
  6. 6 मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश
  7. 7 श्री महालक्ष्मी (अंबाबाई) मंदिर, कोल्हापुर Kolhapur, महाराष्ट्र
  8. 8 रेणुका देवी मंदिर (एकवीरिका शक्तिपीठ), माहुर Nanded Waghala, महाराष्ट्र
  9. 9 गढ़कालिका मंदिर, उज्जैन उज्जैन, मध्य प्रदेश
  10. 10 पुरुहूतिका देवी मंदिर, पीठापुरम Kakinada, आंध्र प्रदेश
  11. 11 बिरजा देवी मंदिर, जाजपुर जाजपुर, ओडिशा
  12. 12 द्राक्षाराम – श्री भीमेश्वर स्वामी मंदिर, द्राक्षारामम कोनसीमा, आंध्र प्रदेश
  13. 13 कामाख्या देवी मंदिर, गुवाहाटी गुवाहाटी, असम
  14. 14 अलोपी देवी (अलोपशंकरी) मंदिर, प्रयागराज प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
  15. 15 ज्वाला जी मंदिर (ज्वालामुखी देवी), कांगड़ा कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
  16. 16 मंगला गौरी मंदिर, गया Gaya, बिहार
  17. 17 विशालाक्षी मंदिर, वाराणसी वाराणसी, उत्तर प्रदेश
  18. 18 शारदा पीठ, कश्मीर कुपवाड़ा, जम्मू और कश्मीर