गजानन कर दो बेड़ा पार आज हम तुम्हे मनाते हैं,
तुम्हे मनाते हैं गजानन तुम्हे मनाते हैं,
गजानन कर दो बेड़ा पार आज हम तुम्हे मनाते हैं…..

सबसे पहले तुम्हें मनावें, सभा बीच में तुम्हें बुलावें,
गणपति आन पधारो हम तो तुम्हें बुलाते हैं,
गजानन कर दो बेड़ा पार आज हम तुम्हे मनाते हैं…..

आओ पार्वती के लाला, मूषक वाहन सूंड सुन्दाला,
जपें तुम्हारे नाम की माला ध्यान लगाते हैं,
गजानन कर दो बेड़ा पार आज हम तुम्हे मनाते हैं…..

उमापति शंकर के प्यारे, तू भक्तों के काज सँवारे,
बड़े बड़े पापी तारे जो शरण में आते हैं ,
गजानन कर दो बेड़ा पार आज हम तुम्हे मनाते हैं…..

लड्डू पेडा भोग लगावें, पान सुपारी पुष्प चढावें,
हाथ जोड़ कर करें वंदना शीश झुकाते हैं,
गजानन कर दो बेड़ा पार आज हम तुम्हे मनाते हैं…..

सब भक्तों ने तेर लगाई, सबने मिलकर महिमा गाई,
रिद्धि सिद्धि संग ले आओ हम भोग लगाते हैं,
गजानन कर दो बेड़ा पार आज हम तुम्हे मनाते हैं…..

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