गणपति विसर्जन गीत

यूं न जाओ छोड़कर,
है गणपति अपना घर,
तुम हो हमारे,
तुम हो हमारे सब कुछ देवा,
तुम को नहीं खबर…..

आये थे तुम खुशियां लेकर,
बरसाया था नूर यहां,
अभी-अभी तो मिलें थे हमसे,
अभी चले तुम दूर कहां….

कहां चले,
कहां चले हो भगवन बोलो,
मुंह हमसे मोड़कर …

यूं न जाओ छोड़कर,
है गणपति अपना घर,
तुम हो हमारे ,
तुम हो हमारे सब कुछ देवा,
तुम को नहीं खबर….

तुमसे घर में रौनक थी ,
लगता था सब नया-नया,
रोज त्यौहार सा रहता था,
खुशियों का था बंधा समा…..

भर आया,
भर आया दिल तुम जो चले,
हर नाता तोड़कर …

यूं न जाओ छोड़कर,
है गणपति अपना घर,
तुम हो हमारे,
तुम हो हमारे सब कुछ देवा,
तुम को नहीं खबर…….

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी
चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि
गुड़ी पड़वा

गुरूवार, 19 मार्च 2026

गुड़ी पड़वा
उगादी

गुरूवार, 19 मार्च 2026

उगादी
चेटी चंड

शुक्रवार, 20 मार्च 2026

चेटी चंड
राम नवमी

गुरूवार, 26 मार्च 2026

राम नवमी

संग्रह