गणपति देवा जय गणपति देवा,
गौरा जी दे लाल नू पहला मै ध्यावा,
चरणा विच शीश झुकावा……

रूप सलोना तेरा मुसे दी सवारी है,
गणपति बप्पा तेरी महिमा न्यारी है,
एक पल बिना तेनु दिल चो भुलावा,
चरणा विच शीश झुकावा……

रिद्धि सिद्धि दें दाता कहना जग सारा है,
देवा दा देव गणपत सब का सहारा है,
मन दे मंदिर विच तेनु मै बसावा,
चरणा विच शीश झुकावा…….

लिख्दा लेख शोभा दरबार दी,
भर दिए झोली एथे सारे संसार दी,
मै भी तेरे दर दी महक बन जावा,
चरणा विच शीश झुकावा,
गौरा जी दे लाल नू पहला मै ध्यावा,
चरणा विच शीश झुकावा……

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