हे गणपति गजानन मेरे द्वार तुम पधारो

हे गणपति गजानन,
मेरे द्वार तुम पधारो,
बिगड़ी मेरी बना के,
मेरा भाग्य तुम सवारों,
हे गणपति गजानंद,
मेरे द्वार तुम पधारो…….

शुभ लाभ के हो दाता,
तुम भाग्य के विधाता,
मर्जी बिना तुम्हारे,
धन धान्य कुछ ना आता,
नैया फसी भवर में,
इसे पार तुम उतारो,
बिगड़ी मेरी बना के,
मेरा भाग्य तुम सवारों,
हे गणपति गजानंद,
मेरे द्वार तुम पधारो……

निर्बल को देते काया,
निर्धन पे करते छाया,
देवों में अग्रणी तुम,
जग तुझमे ही समाया,
दे ज्ञान का तू दर्पण,
मुझको भी तो उबारो,
बिगड़ी मेरी बना के,
मेरा भाग्य तुम सवारों,
हे गणपति गजानंद,
मेरे द्वार तुम पधारो…….

जानू ना पाठ जप तप,
कैसे तुझे मनाऊं,
तेरी महिमा गा के भगवन,
तुझको तो मैं रिझाऊं,
रिद्धि सिद्धि संग विनायक,
मेरी प्रार्थना स्वीकारो,
बिगड़ी मेरी बना के,
मेरा भाग्य तुम सवारों,
हे गणपति गजानंद,
मेरे द्वार तुम पधारो……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली
पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी
चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि
गुड़ी पड़वा

गुरूवार, 19 मार्च 2026

गुड़ी पड़वा

संग्रह