मंगल के दाता रउआ बिगड़ी बनाईं जी

मंगल के दाता रउआ बिगड़ी बनाईं जी,
गौरी के ललना हमरा अंगना में आईं जी,
आसन लगाई आके शोभा बढ़ाईं जी,
गौरी के ललना…..

सब देवता में रउआ पहिले पुजाइले,
भक्तन की टेर सुनी देर न लगाइले,
मुस पर सवार होके दरश दिखाईं जी,
गौरी के ललना…..

जहां रउआ जाई अन धन बरसेला,
सिद्ध होला काज सब विघन कटेला,
शुभ लाभ रिद्धि सिद्धि संग में ले आईं जी,
गौरी के ललना…..

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी
देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

देवशयनी एकादशी
गुरु पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

आषाढ़ पूर्णिमा

संग्रह