गजानंद जी ने, ल्यावो रे मनाय,
वारी जाऊँ चरणन में,
चरणन में, देवा चरणन में,
हो, चरणन में, देवा चरणन में,
गजानंद जी ने, ल्यावो रे मनाय,
वारी जाऊं चरणन में॥

सूंड सुंडाला दुंद दूण्डाला,
म्हारी सभा में रंग बरसाय,
वारी जाऊँ चरणन में,
गजानंद जी ने, ल्यावो रे मनाय,
वारी जाऊं चरणन में।

पार्वती रा पुत्र हो प्यारा,
शिव शंकर रा राज दुलारा,
वारी जाऊँ चरणन में,
गजानंद जी ने, ल्यावो रे मनाय,
वारी जाऊं चरणन में।

चरण चढ़ावां चुरमों
थारे लड्डुवन रो भोग लगाय,
वारी जाऊँ चरणन में,
गजानंद जी ने, ल्यावो रे मनाय,
वारी जाऊं चरनन में।

रणत भवन स्यूं आवो गजानंद,
रिद्धि सिद्धि ने संग में लाय,
वारी जाऊँ चरणन में,
गजानंद जी ने, ल्यावो रे मनाय,
वारी जाऊं चरणन में।
गजानंद जी ने, ल्यावो रे मनाय,
वारी जाऊँ चरणन में……..

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

महेश नवमी

शनिवार, 15 जून 2024

महेश नवमी
गंगा दशहरा

रविवार, 16 जून 2024

गंगा दशहरा
गायत्री जयंती

सोमवार, 17 जून 2024

गायत्री जयंती
निर्जला एकादशी

मंगलवार, 18 जून 2024

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

शनिवार, 22 जून 2024

ज्येष्ठ पूर्णिमा
संत कबीर दास जयंती

शनिवार, 22 जून 2024

संत कबीर दास जयंती

संग्रह