गुरा दे नाल गल्लां कीतियाँ जी मैं सुपना सुनावा कल रात दा

गुरा दे नाल गल्लां कीतियाँ जी मैं सुपना सुनावा कल रात दा

जी मैं सुपना सुनावा कल रात दा,
गुरां दे नाल गल्लां कीतियाँ,

सतिगुरु आये मेरे वेहड़े,
चानन होया चार चुफेरे,
नि मैं शगुन मनावा उस रात दा,
गुरा दे नाल गला कितियाँ,
जी मैं सुपना सुनावा…

जी मैं कोल गुरा दे बेह गई,
पता लगाया न की की गला कहि गई,
वेला मिलिया सबबी मुलाकात दा,
गुरा दे नाल गल्ला कितियाँ,
जी मैं सुपना सुनावा……..

जी मैं दर्श गुरा दा पा लिया,
बाह फड के मैं कोल बिठा लिया,
जी मैं रोम रोम हरषा लिया,
गुर दे नाल गल्ला कितियाँ,
जे मैं सुपना सुनावा……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह