मेरी दुनियां तुम ही हो

मेरी दुनियां तुम ही हो, दुनियां से क्या मांगु,
जब बिन बोले मिलता, तो बोल के क्या मांगु ,
मेरी दुनियां तुम ही हो, दुनियां से क्या मांगु…

धन दौलत क्या मांगु, मुस्कान ये दी तुमने,
हम जैसे बच्चों को, पहचान हैं दी तुमने ।
किस्मत को बनाते हो, तो किस्मत से क्या मांगु,
मेरी दुनियां तुम ही हो, दुनियां से क्या मांगु…

कोई मुझसे अगर पुछे, जन्नत कैसी होगी,
दावे से कह दुंगा, ‘नाकोड़ा’ जैसी होगी ।
जिते जी स्वर्ग मिला, तो मरकर क्या मांगु,
मेरी दुनियां तुम ही हो, दुनियां से क्या मांगु…

भक्ति की बदौलत ही, दुनिया का प्यार मिला,
मुझे ये परिवार मिला, ऐसा संसार मिला ।
तेरी भक्ति करता रहु, कर जोड़ यही मांगु,
मेरी दुनियां तुम ही हो, दुनियां से क्या मांगु…

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी
अजा एकादशी

सोमवार, 07 सितम्बर 2026

अजा एकादशी
हरतालिका तीज

सोमवार, 14 सितम्बर 2026

हरतालिका तीज
गणेश चतुर्थी

सोमवार, 14 सितम्बर 2026

गणेश चतुर्थी
परिवर्तिनी एकादशी

मंगलवार, 22 सितम्बर 2026

परिवर्तिनी एकादशी
अनंत चतुर्दशी

शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026

अनंत चतुर्दशी

संग्रह