साधो भाई सतगुरु व्यापारी

साधो भाई सतगुरु व्यापारी

साधु भाई सतगुरु है व्यापारी।
हीरा मोती बालद भरिया ,और लाल ज्वारी

सत्संग हाट कहिजे भारी, दुकाने न्यारी न्यारी,
सतगुरु होकर सौदा बेचे, लेवे जो आज्ञा कारी,

हीरा तो कोई बिरला पाया, पाया जो अधिकारी,
मायापति के हाथ नही आवे, पच पच मरग्या गवारी,

तन मन धन अर्पण करके ,रेवे वचन आधारी,
सोहम शब्द धार निज घट में, माला है मणीयारी,

गोकुल स्वामी सतगुरु देवा ,धरिया रूप साकारी,
लादूदास आस गुरु की, चरण कमल बलिहारी,

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह