राम के रसिया हैं बालाजी हनुमान…………

राम के काज सँवारे तुमने,
पानी में पत्थर तारे तुमने,
रावण वध त्रेता में उठाकर कैसा रूप सहाय,
राम के रसिया हैं बालाजी महाराज…..

भक्त विभीषण राम का प्यारा,
रावण ने लंका से निकाला,
देख के राम भक्त लंका में झूम उठे हनुमान,
राम के रसिया हैं बालाजी महाराज……

शक्ति और भक्ति के दाता,
राम चरन से इनका नाता,
मंगल ही मंगल देते ऐसे दया निधान,
राम के रसिया हैं बालाजी महाराज……..

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामदा एकादशी

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024

कामदा एकादशी
महावीर जन्म कल्याणक

रविवार, 21 अप्रैल 2024

महावीर जन्म कल्याणक
हनुमान जयंती

मंगलवार, 23 अप्रैल 2024

हनुमान जयंती
चैत्र पूर्णिमा

मंगलवार, 23 अप्रैल 2024

चैत्र पूर्णिमा
संकष्टी चतुर्थी

शनिवार, 27 अप्रैल 2024

संकष्टी चतुर्थी
वरुथिनी एकादशी

शनिवार, 04 मई 2024

वरुथिनी एकादशी

संग्रह