जयकारो गूंजे रे हो लखदातार को

( श्याम श्याम मैं रटूं जो नाम जपे सो पाए,
अंतकाल जो नाम ले वो श्याम चरण में समाये॥ )

खाटू जी में श्याम धणी को मंदिर बन गयो जोर को,
श्याम धणी तो बांधे राखे भक्तों की डोर को,
जयकारो गूंजे रे, खाटू के राजा श्याम को,
जयकारो गूंजे रे हो लखदातार को…..

जबसे देखा तुझे बाबा,
मैं हो गया श्याम दीवाना,
मुझे नज़र अब कुछ ना आये,
अब तू ही तो मुझे भाये,
मेरो मन भा गयो रे यु खाटू धाम रे,
जयकारो गूंजे रे हो लखदातार को…..

जबसे मैंने होश संभाला,
बस तेरा नाम पुकारा,
दरकार पड़ी ना जगत की,
बस तेरा साथ है भाया,
मैं तो शीश नवाऊँ रे जी लखदातार को,
जयकारो गूंजे रे हो लखदातार को……

तू तो दानी है सांवरिया,
मेरा श्याम तू ही खिवैया,
जब जब बाबा मैं हारा,
बस तूने ही दिया है सहारा,
नीले चढ़ आ गयो रे जी म्हारा सांवरा,
जयकारो गूंजे रे हो लखदातार को…..

ना काल घेर मुझे पाए,
आने से भी घबराये,
मैं बेटा श्याम धणी का,
मुझे कोई सत्ता नहीं पाए,
भगति में रम जाऊं रे श्याम सरकार को,
जयकारो गूंजे रे हो लखदातार को…..

आर्या गावे श्याम धणी की प्यारी महिमा भारी जी,
भजती जाए जय श्री श्याम सुबह शाम दिन राति जी,
श्याम धणी कह दे ओ म्हारी लाडली,
श्याम धणी कह दे ओ म्हारी लाडली

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन
श्रावण पूर्णिमा

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी
अजा एकादशी

सोमवार, 07 सितम्बर 2026

अजा एकादशी

संग्रह