तू श्याम रिझा बन्दे तेरी बिगड़ी संवर जाये

तू श्याम रिझा बन्दे तेरी बिगड़ी संवर जाये

तू श्याम रिझा बन्दे, तेरी बिगड़ी संवर जाये,
कट जाये सभी फँदे, तेरी बिगड़ी संवर जाये….

(तर्ज – आ लौट के आजा मेरे मीत)

जिसने पुकारा, माँगा सहारा, उसका ही जीवन सँवारा,
अर्जी लगा दो, सब कुछ बतादो, कहना ना पड़ता दुबारा,
थामे वो तेरे कंधे, तेरी बिगड़ी संवर जाये….

दर दर क्यूँ भटके, माथा क्यूँ पटके, खाये क्यूँ दुनिया के झटके,
आजा शरण में, श्याम चरण में, तेरे मिटे सारे खटके,
चल जाये काम धन्धे, तेरी बिगड़ी संवर जाये….

माँगो उसी से, जो दे दे ख़ुशी से, बतलाए भी ना किसी से,
देना ही जाने, कहना भी माने, लेता ना वापस किसी से,
इसे राजी कर बन्दे, तेरी बिगड़ी संवर जाये….

जी भर के गा ले, श्याम रिझा ले, अपना इसे तू बना ले,
‘बिन्नू’ यूँ बोले, फिर होले होले, जीवन में छाए उजाले,
काम होंगे कभी ना मन्दे, तेरी बिगड़ी संवर जाये….

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

वरुथिनी एकादशी

सोमवार, 13 अप्रैल 2026

वरुथिनी एकादशी
मोहिनी एकादशी

सोमवार, 27 अप्रैल 2026

मोहिनी एकादशी
वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी

संग्रह