तर्ज – बना रे बागा में झूला घाल्या

कान्हा रे बागा में झूला घाल्या रे,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में, बागा में,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..

कान्हा रे मोर पपैया बोले,
कान्हा रे मोर पपैया बोले,
काना में, काना में,
काना में मिश्री घोले म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..

कान्हा रे हरियाली मन भावे,
कान्हा रे हरियाली मन भावे,
हिवड़ा में, हिवड़ा में,
हिवड़ा में निरत जगावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..

कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
मिलवाने, मिलवाने,
मिलवाने मनड़ो तरसे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..

कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
चरणा में, चरणा में,
चरणा में शीश नमावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..

कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
थोड़ो सो, थोड़ो सो,
थोड़ो सो नाच दिखा दे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..

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