मैं वी खेलनी आ होली तेरे संग वे
पादे मेरे उत्ते वी आके रंग वे,
ओ वृन्दावन रहन वालिया.. ठाकुरा…..

सखीया तो सुनदा मिठी मिठी गाल तू,
बांसुरी रखदा हर वेले नाल तू,
भर भर सब नू करता लाल वे,
वृन्दावन रहन वालिया.. ठाकुरा…..

होली खेलन आवे लैके गवाल बाल तू,
लठ होली खेल रिहा सखिया दे नाल तूं,
‘नमन’ नाल वी खेल गुलाल वे,
वृन्दावन रहन वालिया.. ठाकुरा…..

होली च रंगया लभदा नी श्याम तू,
खेल रहा लाडली जी नाल गुलाल तू,
दोना दी जोड़ी ने करती कमाल वे,
वृन्दावन रहन वालिया.. ठाकुरा…..

होली दा रसिया केहलावे श्याम तू,
फागुन च घूमदा सुट्टे गुलाल तू,
पाके दर्शन हो जावा नेहाल मैं,
वृन्दावन रहन वालिया.. ठाकुरा…..

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