नाथ, अनाथन की सुधि लीजै।

नाथ, अनाथन की सुधि लीजै।
गोपी गाइ ग्वाल गौ-सुत सब दीन मलीन दिंनहिं दिन छीज॥
नैन नीर-धारा बाढ़ी अति ब्रज किन कर गहि लीजै।
इतनी बिनती सुनहु हमारी, बारक तो पतियां लिखि दीजै॥
चरन कमल-दरसन नवनौका करुनासिन्धु जगत जसु लीजै।
सूरदास प्रभु आस मिलन की एक बार आवन ब्रज कीजै॥

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह