मुझे मिल गया नंद का लाल
मुझे मिल गया नन्द का लाल ओ रसिया होली मैं,होली मैं जी होली मैं……… भर पिचकारी मेरे माथे पे मारी,मेरी बिंदिया हो गई लाल ओ रसिया होली में….मुझे मिल गया नन्द का लाल रसिया होली...
श्री कृष्ण जी के मधुर भजन, गीत और लीलाएँ! राधा-कृष्ण प्रेम की दिव्य अनुभूति। सभी भक्ति गीत BhaktiRas.in पर।
मुझे मिल गया नन्द का लाल ओ रसिया होली मैं,होली मैं जी होली मैं……… भर पिचकारी मेरे माथे पे मारी,मेरी बिंदिया हो गई लाल ओ रसिया होली में….मुझे मिल गया नन्द का लाल रसिया होली...
मैं तां हो गई आं शाम दी दीवानी,मैं दुनियां तो की लैना -3प्यार तेरे बिच पागल होई -2तेरे बिना मेरा होर ना कोई -2 लिख दिती तेरे नाम जिंदगानी,मैं दुनियां तो की लैना -3मैं तां...
श्री हरिदास तरज़:-श्री राधा बरसाने वाली,तेरो पुजारी है, राधे रानी सावरे की प्यारी है, शामा जू सावरे की प्यारी है, भोली भाली बरसाने वारी है, किया गहवरवन में वास,लाडली लीला है न्यारी, राधा रानी........ राधा...
श्री हरिदास तर्ज़:- जिंन्दगी की ना टुटे लड़ी बृज़ मण्डल की हर इक गली,रात भर याद आये तेरी, हर जगह पे है करूणा भरी,रात भर याद आये तेरी, बृज़ मण्डल......... हम जब भी जहां भी...
श्री हरिदास तरज़:-कोई बिछुड़ गया मिलके ओ कब जाऊंगा बृज़ धाम,बृज़ धाम हां बृज़ धाम ओ कब.... वृन्दावन की कुंज गलिंन में, यमुना तट और बन्सीं वट मेंमिल जायें घनश्यामओ कब…. बरसानें की ऊंची अटारी,जहां...
श्री हरिदास मेरे बांकें बिहारी लाल,ना डालो इतना रंग गुलाल मैं रंग में रंग जाऊंगी(मेरे कान्हां) -2 मेरे बांकें........ टिका तो मेरा भीग गया है,मेरी बिंदिया हो गई लाल, ना डालो इतना रंग गुलाल,मैं रंग...
श्री हरिदास तरज़:-ना मुंह छुपा के जीयो और ना सर झुका के जियो राधे राधे गाते चलो,शाम को रिझाते चलो, श्री राधा नाम से, मन को मन्दिंर बना ते चलो, राधे........ हो शाम आके...
मेरे बाबा लखदातार मेरी लाज बचालो,लुट जाए ना बीच बाजार, मेरी लाज बचा लो। हारे के साथी हो तुम, मैं भी तो हारा हूं,थाम लो कलाई मेरी ,मैं बेसहारा हूं,मैं खड़ा बीच मझधार, मेरी लाज...
नाम मेरी राधा रानी का जिस जिस ने गाया है,बांके बिहारी ने उसे अपना बनाया है,जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे…. नाम मेरी राधा रानी का, सदा देता सहारा है,तू भी...
मेरा घुंघरू बोले हरे हरे मेरा घुंघरू बोले हरे हरे ,गोविन्द हरे गोपाल हरे ,मेरा घुंघरू बोले हरे हरे-हरे हरे ,हरे हरे । इह घुंघरू मैनुं सतगुरु दित्ते,मैं तरले कीते बड़े-बड़े।मेरा घुंघरू बोले …….. मैं...
दोहा वृंदावन सो वन नहीं,नंद गाम सो गाम।बंशी वट सो वट नहीं,कृष्ण नाम सो नाम।। लागे वृंदावन नीको मोहे, लागे वृंदावन नीको। (1)घर घर तुलसी ठाकुर सेवा 2दर्शन गोविंद जी को।लागे वृंदावन नीको… (2)निर्मल नीर...
सदगुरु वाणी राही जागो हुआ अब सवेरा,सारी रजनी तो सो ही चुके हो,अपनी जीवन की अनमोल श्वांसा व्यर्थ विषयों में खो ही चुके हो। अपना प्रारब्ध हो जैसे जहाँ से वैसे परिणाम मिलते वहाँ से,मीठे...