श्री कृष्ण जी के मधुर भजन, गीत और लीलाएँ! राधा-कृष्ण प्रेम की दिव्य अनुभूति। सभी भक्ति गीत BhaktiRas.in पर।

कृष्णाय वासुदेवाय हरए परमात्मने ||कृष्ण मंत्र || श्री कृष्ण मंत्र || विष्णुमंत्र

कृष्णाय वासुदेवाय हरए परमात्मने ||कृष्ण मंत्र || श्री कृष्ण मंत्र || विष्णुमंत्र

ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोबिंदाय नमो नमः।ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोबिंदाय नमो नमः,ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोबिंदाय नमो नमः,ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोबिंदाय...

यह सब राधा रानी का परिवार है

यह सब राधा रानी का परिवार है

धुन- काली कम्बली वाला मेरा यार है। दिख रहा जितना भी यह संसार हैयह सब राधा रानी का परिवार है॥ कीर्ति कुंवरी भानुं दुलारी।श्री राधा सरकार हमारी॥बरसाने में श्री राधा दरबार हैयह सब राधा रानी………...

श्री राधा राधा नाम से,कटे जिंन्दगीं हमारी

श्री राधा राधा नाम से,कटे जिंन्दगीं हमारी

श्री हरिदास तर्ज़:-तुमने किसी की जान को 1. श्री राधा नाम में ही,डुबे रहे बिहारी श्री राधा राधा नाम से,कटे जिंन्दगीं हमारी, श्री राधा नाम से ही,मिल जायेंगें बिहारी, श्री राधा नाम से ही,बृज़ की...

दीजो हो चुररिया हमारी

दीजो हो चुररिया हमारी

दीजो हो चुररिया हमारी। किसनजी मैं कन्या कुंवारी॥ध्रु०॥गौलन सब मिल पानिया भरन जाती। वहंको करत बलजोरी॥१॥परनारीका पल्लव पकडे। क्या करे मनवा बिचारी॥२॥ब्रिंद्रावनके कुंजबनमों। मारे रंगकी पिचकारी॥३॥जाके कहती यशवदा मैया। होगी फजीती तुम्हारी॥४॥

मोरे लय लगी गोपालसे

मोरे लय लगी गोपालसे

मोरे लय लगी गोपालसे मेरा काज कोन करेगा।मेरे चित्त नंद लालछे॥ध्रु०॥१॥ब्रिंदाजी बनके कुंजगलिनमों। मैं जप धर तुलसी मालछे॥२॥मोर मुकुट पीतांबर शोभे। गला मोतनके माल छे॥३॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर। तुट गई जंजाल छे॥४॥

माई मैनें गोविंद लीन्हो मोल

माई मैनें गोविंद लीन्हो मोल

माई मैनें गोविंद लीन्हो मोल॥ध्रु०॥कोई कहे हलका कोई कहे भारी। लियो है तराजू तोल॥ मा०॥१॥कोई कहे ससता कोई कहे महेंगा। कोई कहे अनमोल॥ मा०॥२॥ब्रिंदाबनके जो कुंजगलीनमों। लियों बंजंता ढोल॥ मा०॥३॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर। पुरब जनमके...

पिहुकी बोलिन बोल पपैय्या

पिहुकी बोलिन बोल पपैय्या

पिहुकी बोलिन बोल पपैय्या॥ध्रु०॥तै खोलना मेरा जी डरत है। तनमन डावा डोल॥ पपैय्या०॥१॥तोरे बिना मोकूं पीर आवत है। जावरा करुंगी मैं मोल॥ पपैय्या०॥२॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर। कामनी करत कीलोल॥ पपैय्या०॥३॥

शाम मुरली बजाई कुंजनमों

शाम मुरली बजाई कुंजनमों

शाम मुरली बजाई कुंजनमों॥ध्रु०॥रामकली गुजरी गांधारी। लाल बिलावल भयरोमों॥१॥मुरली सुनत मोरी सुदबुद खोई। भूल पडी घरदारोमों॥२॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर। वारी जाऊं तोरो चरननमों॥३॥

हातकी बिडिया लेव मोरे बालक

हातकी बिडिया लेव मोरे बालक

हातकी बिडिया लेव मोरे बालक। मोरे बालम साजनवा॥ध्रु०॥कत्था चूना लवंग सुपारी बिडी बनाऊं गहिरी।केशरका तो रंग खुला है मारो भर पिचकारी॥१॥पक्के पानके बिडे बनाऊं लेव मोरे बालमजी।हांस हांसकर बाता बोलो पडदा खोलोजी॥२॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर...

तुम बिन मेरी कौन खबर ले

तुम बिन मेरी कौन खबर ले

तुम बिन मेरी कौन खबर ले। गोवर्धन गिरिधारीरे॥ध्रु०॥मोर मुगुट पीतांबर सोभे। कुंडलकी छबी न्यारीरे॥ तुम०॥१॥भरी सभामों द्रौपदी ठारी। राखो लाज हमारी रे॥ तुम०॥२॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर। चरनकमल बलहारीरे॥ तुम०॥३॥

झुलत राधा संग

झुलत राधा संग

झुलत राधा संग। गिरिधर झूलत राधा संग॥ध्रु०॥अबिर गुलालकी धूम मचाई। भर पिचकारी रंग॥ गिरि०॥१॥लाल भई बिंद्रावन जमुना। केशर चूवत रंग॥ गिरि०॥२॥नाचत ताल आधार सुरभर। धिमी धिमी बाजे मृदंग॥ गिरि०॥३॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर। चरनकमलकू दंग॥ गिरि०॥४॥

किन्ने देखा कन्हया प्यारा

किन्ने देखा कन्हया प्यारा

किन्ने देखा कन्हया प्यारा की मुरलीवाला॥ध्रु०॥जमुनाके नीर गंवा चरावे। खांदे कंबरिया काला॥१॥मोर मुकुट पितांबर शोभे। कुंडल झळकत हीरा॥२॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर। चरन कमल बलहारा॥३

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चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

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गुड़ी पड़वा

गुरूवार, 19 मार्च 2026

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