श्री कृष्ण जी के मधुर भजन, गीत और लीलाएँ! राधा-कृष्ण प्रेम की दिव्य अनुभूति। सभी भक्ति गीत BhaktiRas.in पर।

प्रात समय नवकुंज महल में

प्रात समय नवकुंज महल में

प्रात समय नवकुंज महल में श्री राधा और नंदकिशोर ॥दक्षिणकर मुक्ता श्यामा के तजत हंस अरु चिगत चकोर ॥१॥तापर एक अधिक छबि उपजत ऊपर भ्रमर करत घनघोर ॥सूरदास प्रभु अति सकुचाने रविशशि प्रकटत एकहि ठोर...

रे मन कृष्ण नाम कहि लीजै

रे मन कृष्ण नाम कहि लीजै

रे मन कृष्ण नाम कहि लीजैगुरु के बचन अटल करि मानहिं, साधु समागम कीजैपढिए गुनिए भगति भागवत, और कथा कहि लीजैकृष्ण नाम बिनु जनम बादिही, बिरथा काहे जीजैकृष्ण नाम रस बह्यो जात है, तृषावंत है...

ऐसो पूत देवकी जायो।

ऐसो पूत देवकी जायो।

ऐसो पूत देवकी जायो।चारों भुजा चार आयुध धरि, कंस निकंदन आयो ॥१॥भरि भादों अधरात अष्टमी, देवकी कंत जगायो।देख्यो मुख वसुदेव कुंवर को, फूल्यो अंग न समायो॥२॥अब ले जाहु बेगि याहि गोकुलबहोत भाँति समझायो।हृदय लगाय चूमि...

जागिये ब्रजराज कुंवर

जागिये ब्रजराज कुंवर

जागिये ब्रजराज कुंवर कमल कोश फूले।कुमुदिनी जिय सकुच रही, भृंगलता झूले॥१॥तमचर खग रोर करत, बोलत बन मांहि।रांभत गऊ मधुर नाद, बच्छन हित धाई॥२॥विधु मलीन रवि प्रकास गावत व्रजनारी।’सूर’ श्री गोपाल उठे आनन्द मंगलकारी॥३॥

मलार मठा खींच को लोंदा।

मलार मठा खींच को लोंदा।

मलार मठा खींच को लोंदा।जेवत नंद अरु जसुमति प्यारो जिमावत निरखत कोदा॥माखन वरा छाछ के लीजे खीचरी मिलाय संग भोजन कीजे॥सखन सहित मिल जावो वन को पाछे खेल गेंद की कीजे॥सूरदास अचवन बीरी ले पाछे...

चिरजीयो होरी को रसिया चिरजीयो।

चिरजीयो होरी को रसिया चिरजीयो।

चिरजीयो होरी को रसिया चिरजीयो।ज्यों लो सूरज चन्द्र उगे है, तो लों ब्रज में तुम बसिया चिरजीयो ॥१॥नित नित आओ होरी खेलन को, नित नित गारी नित हँसिया चिरजीयो॥२॥सूरदास प्रभु तिहारे मिलन को, पीत पिछोरी...

अरी तुम कोन हो री

अरी तुम कोन हो री

अरी तुम कोन हो री बन में फूलवा बीनन हारी।रतन जटित हो बन्यो बगीचा फूल रही फुलवारी॥१॥कृष्णचंद बनवारी आये मुख क्यों न बोलत सुकुमारी।तुम तो नंद महर के ढोटा हम वृषभान दुलारी॥२॥या बन में हम...

देखो री हरि भोजन खात।

देखो री हरि भोजन खात।

देखो री हरि भोजन खात।सहस्त्र भुजा धर इत जेमत हे दूत गोपन से करत हे बात॥१॥ललिता कहत देख हो राधा जो तेरे मन बात समात।धन्य सबे गोकुल के वासी संग रहत गोकुल के तात॥२॥जेंमत देख...

राधा प्यारी कह्यो

राधा प्यारी कह्यो

राधा प्यारी कह्यो सखिन सों सांझी धरोरी माई।बिटियां बहुत अहीरन की मिल गई जहां फूलन अथांई॥१॥यह बात जानी मनमोहन कह्यो सबन समुझाय।भैया बछरा देखे रहियो मैया छाक धराय॥२॥असें कहि चले श्यामसुंदरवर पोहोंचे जहां सब आई।सखी...

आगामी उपवास और त्यौहार

अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

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देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

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