जबसे श्याम गलियों में यूँ मिल गए
जबसे श्याम गलियों में,यूँ मिल गए,तो जिंदगी के मायने,बदल गए,तो जिंदगी के मायने,बदल गए……. धीरे से करीब मेरे आए,बांसुरी से घूंघट उठाए,टुकड़े टुकड़े मटकी के,वो कर गए,तो जिंदगी के मायने,बदल गए,तो जिंदगी के मायने,बदल गए……...