मोज लगा दी रे
आज खुशी ना मन मैं समावै,म्हारो मन डो नाचै गावै,दुखां री काली छाया म्हारे घर सु हटा दी रे,किरपा कर दी बाबो घर मैं मोज लगा दी रे , घर घर जागै बानटू मिठाई,सगला सु...
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आज खुशी ना मन मैं समावै,म्हारो मन डो नाचै गावै,दुखां री काली छाया म्हारे घर सु हटा दी रे,किरपा कर दी बाबो घर मैं मोज लगा दी रे , घर घर जागै बानटू मिठाई,सगला सु...
सुन ल्यो अर्जा म्हारी॥ ध्जाबन्द धारीमैं तो आयो हूँ शरण मैं थारी,ध्जाबन्द धारी उजड़ गया नै बाबा ,अब थे हि बसाओ,घर गी म्हारी सगली , खुशियां लोटा ओ ॥म्हाने थारो भरोसो बड़ों भारी, ध्जाबन्द धारीमैं...
बाबा आँगन पधारो , दरबार सजायो थारो ,करूँ विनती मैं बारम्बार,म्हाने दर्शन दयो एक बार. . . . जोत जगाई बैठया म्हे थारी,बेगा पधारो हे अवतारी॥थारो नाम धजा बन्द धारी ,थारी महीमा है नयारी,करा बैठया...
हरी आ जाओ, इक्क वार, हरी आ जाओ, इक्क वार llहरी आ जाओ, इक्क वार, हरी आ जाओ, इक्क वार ll हरी आ जाओ, इक्क वार, हरी आ जाओ, इक्क वार llमेरा कोई न, सहारा...
बिना तुम्हारे कौन उबारे भटकी नाव हमारी किनारा खो गया है,तुम्ही रैया तुम्ही खिवैयाँ किनारा खो गया है, तारण तरिया तुम हो तुम ही हमारी पतवार हो,इस अँध्यारे में तुम ही जीवन के आधार हो,कभी...
श्री मन नारायण नारायण हरी हरी llतेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरी हरी llभज मन नारायण नारायण हरी हरीजय जय नारायण नारायण हरी हरीश्री मन नारायण नारायण हरी हरी हरी ॐ नमो नारायणा, ॐ नमो...
मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,उस दुश्मन क्या मारेगा जिसका भगवन रखवाला शावक हांडी में दब गये,भीषण की आग है बाकी,भोजन पानी न खाया,ना खाई रमक हवा की,ईश्वर ने गजब दवा की और...
बैकुंठ नाथ धरो सर पे हाथ,हो जाए कृपा जो थारी,हे निकुंज निरंजन दीजो आशीर्वाद,आया शरण मैं तुम्हारी, पग पग राह कठिन हैमन मेरा दूषित मलिन हैजीवन नीरस लगने लगा भारीहो जाए कृपा जो थारी,आया शरण...
भजदे ढोल ते छेने सुगना दे वीर दे,की कहने की कहने मेरे रामा पीर दे, धरती नचे अम्बर नचे नच्दे चंद सितारे,एसी किरपा करती बाबा हो गये वारे न्यारे,मेले लगदे रहने मेरे रामा पीर दे,की...
मन धीर धरो, घबराओ नहीं,भगवान मिलेंगे, कभी न कभी llभगवान मिलेंगे, कभी न कभी,भगवान मिलेंगे, कभी न कभी lमन धीर धरो,,,,,,,,,,,,, फूलों में नहीं, कलियों में नहीं,काँटों में मिलेंगे, कभी न कभीं llमन धीर धरो,,,,,,,,,,,,,...
तू दयालु दीं मैं तू दानी मैं भिखारी,मैं प्रिशिद पात की तू पाप पुंज हारी,तू दयालु दीं मैं तू दानी मैं भिखारी, नाथ तू अनाथ को अनाथ कौन मो सो,मो समान अरात नाही आरती हर...
गीता में भी यही लिखा है, यही है वेद पुराण मेंक्यों भगवान को दर दर ढूंढे, वो है हर इंसान में धरती के कण कण में वो है, पर तु देख न पाता हैधन दौलत...