चाहे राम कहो चाहे श्याम कहो

चाहे राम कहो चाहे श्याम कहो

चाहे राम कहो चाहे श्याम कहो,
दोनों का मतलब एक ही है।।

श्री राम के हाथ में धनुष बाण,
और श्याम के हाथ मुरलियाँ है,
है सांवली सूरत दोनों की,
है रूप अलग छवि एक ही हैं,
चाहे राम कहों चाहे श्याम कहो,
दोनों का मतलब एक ही है।।

श्री राम संग में जानकी जी,
और श्याम के संग में राधा है,
है अलग अलग ये नाम मगर,
वैसे शक्ति सब एक ही है,
चाहे राम कहों चाहे श्याम कहो,
दोनों का मतलब एक ही है।।

श्री राम ने रावण मारा था,
श्री कृष्ण ने कंस पछाड़ा था,
दोनों विष्णु अवतारी है,
दोनों का करतब एक ही है,
चाहे राम कहों चाहे श्याम कहो,
दोनों का मतलब एक ही है।।

एक कौशल्या के प्यारे है,
एक यशोदा अखियन प्यारे है,
दोनों के खेल निराले है,
दोनों जग के उजियारे है,
चाहे राम कहों चाहे श्याम कहो,
दोनों का मतलब एक ही है।।

चाहे राम कहो चाहे श्याम कहो,
दोनों का मतलब एक ही है।।

Author: अनुराधा पौडवाल जी

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामिका एकादशी

रविवार, 09 अगस्त 2026

कामिका एकादशी
पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन
श्रावण पूर्णिमा

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी

संग्रह