प्यारो घणो लागे जी नारायण थांको मालासेरी दरबार,

मंदिरिया के आजु बाजू सरोवर भरिया हजार,
ऊँची ऊँची लहरें चाले ,ठण्डी चाले फुवांर॥ प्यारो…..

भांत भांत का रुक भरकड़ा पायो नही कोई पार,
कोयल मोर पपहिया बोले, बोले राग मलार॥ प्यारो…..

भोजा जी गोड़ी पर बैठा बगड़ावत सरदार,
मंदिर माही बैठी साडू माता महिमा अपरम्पार॥ प्यारो….

लंबो चोडो मंदिर थांको छोड़ा है चौबार,
एक साल में दो- दो मेला आवे लाखों नरनार॥ प्यारो ……

राती जगा और जात जड़ूला आवे रोज अपार,
चम्पा लाल मालासेरी वालो थांका गावे मंगलाचार॥

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी
चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि
गुड़ी पड़वा

गुरूवार, 19 मार्च 2026

गुड़ी पड़वा
उगादी

गुरूवार, 19 मार्च 2026

उगादी
चेटी चंड

शुक्रवार, 20 मार्च 2026

चेटी चंड
राम नवमी

गुरूवार, 26 मार्च 2026

राम नवमी

संग्रह