मुझको माधव का सहारा मिल गया,
मेरी कश्ती को किनारा मिल गया…….

मैं किसी की द्वार जाओ किस लिये,
मुझको मोहन का दुबारा मिल गया,
मेरी कश्ती को किनारा मिल गया,
मुझको माधव का सहारा मिल गया……

ढूंढ़ती फिरती नजरे किसी को,
प्यासी नजरो को नजारा मिल गया,
मेरी कश्ती को किनारा मिल गया,
मुझको माधव का सहारा मिल गया……

अब रही न परवाह दौलत की,
मुरली वाले का खजाना मिल गया,
मेरी कश्ती को किनारा मिल गया,
मुझको माधव का सहारा मिल गया……

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